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Life Sms

Displaying 89-96 of 1222 results.
Feb
3
2016
Dont cry because its over Smile because it


Don't cry because it's over. Smile because it happened.

Submitted By : arvinder kaur
Place : punjab,ludhiana
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Rating :   4 Votes


Jan
31
2016
Pain is the reason of pain without pain nothing


Pain is the reason of pain without pain nothing you can gain.

Submitted By : arvinder kaur
Place : punjab,ludhiana
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Rating :   5 Votes


Jan
30
2016
Many people get fake when life gets real


Many people get fake when life gets real.

Submitted By : arvinder kaur
Place : punjab,ludhiana
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Rating :   3 Votes


Jan
21
2016
A men will never be a GREATE till his her father


A men will never be a GREATE till his /her father is alive.
Becoz parents are always greate.

Submitted By : sagar lathiya
Place : surat
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Rating :   4 Votes


Jan
20
2016

Life Messages


--:बहुत ही प्यारी पंक्तियाँ:--

स्वर्ग में सब कुछ है लेकिन मौत नहीं है,
गीता में सब कुछ है लेकिन झूठ नहीं है,
दुनिया में सब कुछ है लेकिन किसी को सुकून नहीं है,
और
आज के इंसान में सब कुछ है लेकिन सब्र नहीं ‬

किसी ने क्या खूब कहा है:--*--

ना खुशी खरीद पाता हू ना ही गम बेच पाता हू फिर भी मै ना जाने क्यु हर रोज कमाने जाता हूँ।

Submitted By : aayush
Place : New Delhi
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Jan
19
2016

Life Messages


पछियों को पिंजरे मै कैद कर के तो सभी प्यार जता लेते है...

कोई उड़ता हुआ पंछी आकर आपके कंधे मै बैठ जाये...
प्यार उसी को कहते है...

Submitted By : aayush
Place : New Delhi
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Jan
18
2016

Life Messages


Power of Positive Thinking.

एक मनोवैज्ञानिक स्ट्रेस मैनेजमेंट के बारे में, अपने दर्शकों से मुखातिब था..

उसने पानी से भरा एक ग्लास उठाया...

सभी ने समझा की अब "आधा खाली या आधा भरा है".. यही पूछा और समझाया जाएगा..

मगर मनोवैज्ञानिक ने पूछा.. कितना वजन होगा इस ग्लास में भरे पानी का..??

सभी ने.. 300 से 400 ग्राम तक अंदाज बताया..

मनोवैज्ञानिक ने कहा.. कुछ भी वजन मान लो..फर्क नहीं पड़ता..

फर्क इस बात का पड़ता है.. की मैं कितने देर तक इसे उठाए रखता हूँ

अगर मैं इस ग्लास को एक मिनट तक उठाए रखता हूँ.. तो क्या होगा?

शायद कुछ भी नहीं...

अगर मैं इस ग्लास को एक घंट तक उठाए रखता हूँ.. तो क्या होगा?

मेरे हाथ में दर्द होने लगे.. और शायद अकड़ भी जाए.

अब अगर मैं इस ग्लास को एक दिन तक उठाए रखता हूँ.. तो ??

मेरा हाथ... यकीनऩ, बेहद दर्दनाक हालत में होगा, हाथ पैरालाईज भी हो सकता है और मैं हाथ को हिलाने तक में असमर्थ हो जाऊंगा

लेकिन... इन तीनों परिस्थितियों में ग्लास के पानी का वजन न कम हुआ.. न ज्यादा.

चिंता और दुःख का भी जीवन में यही परिणाम है।

यदि आप अपने मन में इन्हें एक मिनट के लिए रखेंगे..

आप पर कोई दुष्परिणाम नहीं होगा..

यदि आप अपने मन में इन्हें एक घंटे के लिए रखेंगे..

आप दर्द और परेशानी महसूस करने लगेंगें..

लेकिन यदि आप अपने मन में इन्हें पूरा पूरा दिन बिठाए रखेंगे..

ये चिंता और दुःख.. हमारा जीना हराम कर देगा.. हमें पैरालाईज कर के कुछ भी सोचने - समझने में असमर्थ कर देगा..

और याद रहे..
इन तीनों परिस्थितियों में चिंता और दुःख.. जितना था, उतना ही रहेगा..

इसलिए.. यदि हो सके तो.. अपने चिंता और दुःख से भरे "ग्लास" को...

एक मिनट के बाद..

नीचे रखना न भुलें..

सुखी रहे, स्वस्थरहे.

Submitted By : aayush
Place : New Delhi
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Jan
18
2016

Life Messages


कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम अमीर है या गरीब....

अगर दिल में कुछ देने का भाव हो ....

तो हमारी एक मुस्कराहट ही लोगों को बहुत ख़ुशी दे सकती है ...

Submitted By : aayush
Place : New Delhi
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